Parmeshvar se changai kaise paye

                परमेश्वर से चंगाई कैसे प्राप्त करे?



मेरे भाई और बहिनो आप सब को प्रभू येशू मसिहा मे शांति मिले। मेरा नाम  सानिया नाईक है।मै इस पोस्ट में आप के साथ एक गूड न्यूज शेअर करने वाली हूं।आपने कभी ना कभी तो सूना हि होगा कि हेल्थ इज वेल्थ ;अगर हमारी हेल्थ ठिक है तो हम जीवन मै कुछ भी अच्छा कर सकते है।अगर हमारी हेल्थ हि ठिक नही है तो हमें सोने चांदी से भी कुछ लाभ नही।हम जीवन का आनंद हि नही ले पायेंगे।आज बहूत लोग नाना प्रकार के बिमारियों से परेशान है;और वे इसका कारन उनका बूरा नसीब या कुछ भला या बूरा खाना इनमें ढूंढते है।और कुछ लोग तो यह भी कह देते है कि परमेश्वर ने उनकी यह हालत की है क्यूकि उन्होने पाप किया।।लेकिन इसका सही कारन परमेश्वर का ज्ञान ना होना है।जी हा प्रियो परमेश्वर का वचन कहता है कि .,मेरे ज्ञान का ना होने से मेरी प्रजा नाश हो गयी ।(होशेय 4:6) ईसान अंधेरे मे तबतक रहता है जबतक वह प्रकाश को न देखे और जब उसको प्रकाश दिखायी देता है ,तब वह अंधेरे मे नही रहता है।परमेश्वर का वचन एक जीवन का प्रकाश है ,और आज यही वचन प्रभू येशू मसिहा के नाम से आपका जीवन चमकायगा।आमिन।


परमेश्वर ने हमें प्रभु येशू मसिहा में चंगाई दि है।

वह आप ही हमारे पापों को अपनी देह पर लिए हुये क्रूस पर चढ गया जिस से हम पापों के लिए मर करके धामिकता के लिए जीवन बिताए उसी के मार खाने से तूम चंगे हूए।(पतरस2:24)


परंतु वह हमारे ही अपराधो के कारन घायल किया गया वह हमारे अधम॓ के कामो के हेतू कुचला गया हमारे शांति के लिए उस पर ताडना पडी कि उसके मार खाने से हम चंगे हो जाए ।(यशायाह 53:5)


क्या आपने देखा ?? इस मे क्लीअर लिखा है कि, हमारे अपराध की सजा येशू मसिहा पर लादी गयी ।हमारे पापों को वह  अपने शरीर में लेकर क्रूस पर कुरबान हुआ। क्यूकि हम पापों के लिए मरे और एक पवित्र जीवन जीए ।मतलब हम संसार के सब बुरी बातो के लिए मर चुके है।और सिफ॔ परमेश्वर के अच्छाई के लिए हि जिंदा है। वैसे ही हम वे सब बिमारियो के लिए भी मर चूके है, जो संसार मे होती है।क्यूकि हम अब पापी नही रहे।उसने आप ही हमारे पापो को अपने उपर लिया है ;इसीलिए उसके मार खाने से हम चंगे हूए है। अब हम में जीवन वास करता है ;मृत्यू हमें  छू भी नही सकती है। क्यूकि जो तूम में है ,वह उस से जो संसार में है बडा है।(योहान 4:4)

इसलिए डरो नही संसार में जो बिमारी या तकलिफे है उस पर तुम ने येशू मसीहा में जय पायी है।क्यूकि जो तुम में है वह उस बिमारी या तकलिफ से बडा है;और वह येशू मसिहा है जो तुम में रहता है।मसीहा जो महिमा की आशा  है ,तुम में रहता है।(कूलस्सियो 1:27)

इसलिए आज से अपने स्वास्थ  के लिए अपने जीवन को कोसना छोड दो ;और अपने मन मे सिफ॔ सच्चाई के लिए जगह दो ।परमेश्वर के इस वचन को सिफ॔ पढो नहीं ,बल्की वचन के सच्चाई को जान लो की तुम चंगे हूये हो। इसलिए तुम्हे परमेश्वर से चंगाई को मांगना नही है क्यूकि ,उसका वचन कहता कहता है कि ,उसके कोडे खाने से तुम चंगे हूये ;और यही तुम्हारे प्राथ॔ना का जवाब है।इस चंगाई के वचन को पढ कर सिफ॔ अपने पूरे मन से विश्वास कर लो की उसने तुम्हे चंगा किया है। क्यूंकि धामिकता के लिए मन से विश्वास किया जाता है ;और उद्धार के लिए मूहँ से अंगिकार किया जाता है।(रोमियो 10:10) 

तो क्या आप ने देखा ?परमेश्वर का वचन कहता है कि, मन से विश्वास करके और मूहँ से अंगिकार करने से उद्धार प्राप्त होता है। वाहँ ! मतलब की हमारी चंगाई हमारे मूहँ के अंगिकार में है। इसिलिए बाइबल कहती है, जिभ के वश में जीवन और मृत्यू दोनो होते है और जो उसे काम में लाना जानता है इसका फल भुगतेगा।(नितिवचन(18:21)

अब आप को समझ आगया होगा कि ,आप की चंगाई और किसीने नही सिफ॔ आप थे जो शैतान के झूट पर विश्वास करके अपने ही जिभ से उसके झूट को अंगिकार कर रहे थे ;और अपने ही जिभ से उस का बूरा फल भूगत रहे थे।बिमारी रोग यह सब शैतान का झूटा जाल है, क्यूंकि परमेश्वर का वचन कहता है कि उसने हमारे रोग सह लिए ;और हम उसके मार खाने से चंगे हूए ।यही सच है ।आज से हम सिफ॔ अपने परमेश्वर के वचन पर विश्वास करेंगे । अगर कोई तकलिफ महसूस भी करे तो हम उस तकलिफ से कहेंगे उसके मार खाने से मै चंगा हूआ । चाहे अबतक आप उस तकलिफ को महसूस कर रहे होंगे परंतु एक खास यह है कि ,विश्वास मेहसूस नही होता है ;विश्वास अन देखे का प्रमाण है। अब विश्वास आशा की हूयी वस्तू ओं निश्चय ;और अनदेखी वस्तूओं का प्रमाण है।(ईब्रानियो 11:1)

मतलब  आपकी चंगाई विश्वास में है आपके मेहसूस करने में नही।उदाहरण के लिए बाइबल का विश्वास की चंगाई का चमत्कार देखिए।

और एक स्त्री, जिस को बारह वर्ष से लोहू बहने का रोग था। 
26 और जिस ने बहुत वैद्यों से बड़ा दुख उठाया और अपना सब माल व्यय करने पर भी कुछ लाभ न उठाया था, परन्तु और भी रोगी हो गई थी। 
27 यीशु की चर्चा सुनकर, भीड़ में उसके पीछे से आई, और उसके वस्त्र को छू लिया। 
28 क्योंकि वह कहती थी, यदि मैं उसके वस्त्र ही को छू लूंगी, तो चंगी हो जाऊंगी। 
29 और तुरन्त उसका लोहू बहना बन्द हो गया; और उस ने अपनी देह में जान लिया, कि मैं उस बीमारी से अच्छी हो गई। 
30 यीशु ने तुरन्त अपने में जान लिया, कि मुझ में से सामर्थ निकली है, और भीड़ में पीछे फिरकर पूछा; मेरा वस्त्र किस ने छूआ? 
31 उसके चेलों ने उस से कहा; तू देखता है, कि भीड़ तुझ पर गिरी पड़ती है, और तू कहता है; कि किस ने मुझे छुआ? 
32 तब उस ने उसे देखने के लिये जिस ने यह काम किया था, चारों ओर दृष्टि की। 
33 तब वह स्त्री यह जानकर, कि मेरी कैसी भलाई हुई है, डरती और कांपती हुई आई, और उसके पांवों पर गिरकर, उस से सब हाल सच सच कह दिया। 
34 उस ने उस से कहा; पुत्री तेरे विश्वास ने तुझे चंगा किया है: कुशल से जा, और अपनी इस बीमारी से बची रह॥

तो देखा आपने विश्वास से चंगाई प्राप्त की जाती है।प्रभु येशू मसीहा आज आप से भी ऐसा कहे कि तुम्हारे विश्वास ने तुम्हे चंगा किया है।आमिन। 


     हमें प्रभु येशू मसीहा में अविनाशी जीवन मिला है।                                                                 

क्यूंकि तुम्हे नाशमान नही बल्की ,अविनाशी बीज से परमेश्वर के जीवते और सदा ठहर ने वाले वचन के द्वारा नया जनम मिला है। (1पतरस 1:23)

तुम्हारा जनम परमेश्वर के अविनाशी वचन से हुआ है इसलिए ,कोई भी बिमारी तुम्हे नष्ट नही कर सकती है।क्यूंकि जिस बीज से (परमेश्वर के वचन से ) तुमने नया जनम पाया है ,उसके सामने कोनसी भी बिमारी ना के समान है।कोई भी बिमारी तुम्हे हरा नही सकती है क्यूकि तुम में खूद परमेश्वर की आत्मा वास करती है। यह वही आत्मा है जिसने येशू मसीहा को मृत्यू से जिलाया।

और यदी उसी का आत्मा जिस ने येशू को मरे हुओ में से जिलाया तुम में बसा हुआ है ;तो जिसने मसीहा को मरे हुओ में से जिलाया वह तुम्हारी मरन हार शरीर को भी अपने आत्मा के द्वारा जो तुम में बसा हुआ है जिलायेगा।(रोमियो 8:11)

परमेश्वर का आत्मा हमारे शरीर मे जीवन दाता है।यह बहूत खास बात है कि तुम में जीवन देने वाला आत्मा रहता है।इसलिए अच्छे से समझो अगर सव॔ शक्तीमान परमेश्वर का आत्मा हमारे शरीर को जीवन देता है  ;तो क्यू हम मृत्यू को अपने शरीर में प्रवेश करने की इजाजत दे?अब तुम्हे सच्चाई की पहचान हूयी कि ,तुम में येशू मसिहा का जीवन है इसलिए किसी भी मृत्यू के बीज को अपने शरीर में प्रवेश करने ना दो। बाइबल कहता है इसलिए परमेश्वर के अधीन हो जाओ ,और शैतान का सामना करो,तो वह तुम्हारे पास से भाग निकलेगा।(4:7)

हमें शैतान से लडना नही है क्यूकि, येशू मसीहा ने उसे क्रूस पर अपना लहू बहाकर हरा दिया है ।क्यूकि वचन कहता है और जब यह नाशमान अविनाशीपन को पहीन लेगा और यह मरनहार अमरता को पहीन लेगा ,तब वह वचन जो लिखा है पूरा हो जायेगा कि ,जय ने मृत्यू को निगल लिया।हे मृत्यू तेरी जय कहाँ रही?हे मृत्यू तेरा डंक कहाँ रहा ?मृत्यू का डंक पाप है और पाप का बल व्यवस्था है।परंतू परमेश्वर का धन्यवाद हो ,जो हमें प्रभु येशू मसिहा के द्वारा जयवन्त करता है।(1कुरन्थियो15:57)

अब हमने प्रभु येशू मसीहा के द्वारा अविनाशी पन को पहिन लिया है।अपने मरनहार शरीर में अमरता को पहीन लिया है।इसलिए अब मृत्यू की जय नही रही।परमेश्वर ने हमें प्रभु येशू मसीहा में मृत्यू पर जयवन्त किया है।इसलिए कोई भी बिमारी हम पर जयवन्त नही हो सकती है;क्यूकि मसिहा के द्वारा हमनें जय पायी है।इसलिए आज से हम शैतान के झूटे चाल मे फसेंगे नही;बल्की परमेश्वर के वचन से उसके जलते हुये तीरों को बूझायेंगे।और उन सब के साथ विश्वास की ढाल लेकर स्थिर रहो ,जिस से तुम उस दुष्ट के सब जलते हुये तीरो को बूझा सको।(इफिसीयो 6:16)

           अब हम परमेश्वर के राज्य में आये है।

कोई निवासी न कहेगा की मैं रोगी हू;और जो लोग उसमें बसेंगे उनका अध॔म क्षमा किया जायेगा।(यशायाह 33:24)

और यह परमेश्वर के राज्य के निवासी है जो कहेंगे की ,वे रोगी नहीं है क्यूंकि परमेश्वर के राज्य में कोई बिमारी है ही नहीं ।अब हम ने जान लिया है कि परमेश्वर का आत्मा हम में रहता है ;और उसके शक्ति के सामने कोई भी बिमारी ना के समान है।मतलब नष्ट हो चुकी है ,जा चुकी है।हम ने कभी ना नाश किये जाने वाले परमेश्वर से नया जनम पाया है।सो यदि कोई मसीह में है तो वह नयी सृष्टी है ;पूरानी बाते बीत चुकी है देखो ,वे सब नयी हो गयी।(1कुरन्थियो5:17) 

यहा परमेश्वर का वचन कह रहा है कि ,यदि तुम मसीह में हो तो नयी सृष्टी हो ।पूरानी बाते बीत गयी ;तुम्हारी सब तकलिफे बीत चुकी है ,हर बीमारी जा चुकी है।परमेश्वर कह रहे है कि देखो ,वे सब नयी हो गयी। तुम्हारी हेल्थ नयी बन चुकी है।तुम्हे देखना है परमेश्वर के वचन में कि, तुम्हारा जीवन नया बन चुका है ;येशू मसिहा मे जो कभी टलने का नही।आमिन। धन्यवाद हो हमारे प्रभु येशू मसिहा का क्यूकि उसने हमें ऐसे जीवन में बुलाया है।कितना प्यारा जीवन है जो परमेश्वर ने हमें दिया है। .परंतु लिखा है जो आख ने नही देखी ,और कानो ने नही सूना ,और जो बाते मनुष्य के चित्त मे नही चढी, वे ही है जो परमेश्वर ने अपने प्रेम रखने वालो के लिए तैयार की है।(1कुरन्थियो2:9)

मैने इस पोस्ट के  सुरूरात में हि बताया था कि ,अगर कोई अंधेरे में है तो वह तबतक रहता है ,जबतक वह प्रकाश को न देखे ;लेकिन अब आपको प्रकाश दिखाई दे रहा है ,इसलिए अब आप अंधेरे में नही हो।प्रकाश के आने से अंधेरा नष्ट हो चुका है।. उठ प्रकाशमान हो, क्यूकि तेरा प्रकाश आ गया है ;और यहोवा का तेज तेरे उपर उदय हुआ है।(यशायाह60:1)

पहले आपको परमेश्वर के सच्चाई के वचन की पहचान नही थी पर ,अब तुम सच्चाई को जान गए हो ।और यही सच का वचन है जो हमें झूट से मुक्त करता है।.और सत्य को जानोगे और सत्य तुम्हे स्वतंत्र करेगा। (योहान 8:32)

और आज आप सत्य को जान गये हो ,इसलिए झूट से मुक्त हो चुके हो।मतलब आप जान गये हो कि ,आप हर बिमारियों से मुक्त हो चुके हो।इसलिए आप परमेश्वर के सत्य वचन पर विश्वास करके धन्यवाद किजिए; और कुछ भी करने में तकलिफ होती थी प्रभु येशू मसिहा के नाम से किजिए।ध्यान में रखिए कि विश्वास अनदेखे हुए का प्रमाण है, इसलिए हो सकता है कि आपने अबतक अपनी चंगाई देखी नही हो ,लेकिन आप चंगाई को वचन में देख सकते है;जैसे आप अपना स्वाभाविक चेहरा आयने में देखते है और तैयार होते है ,वैसे ही परमेश्वर का वचन हमारा आत्मिक आयना है ;इसलिए अपने आप को देखिए और तैयार हो जाए जीवन का आनंद लुटने के लिए। प्रभु येशू मसिहा के नाम से आमिन।


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